VIDEO : इन्हें facebook और whatsapp पसंद नहीं हैं

‌चुनाव में अब प्रत्याशियों के प्रचार के तरीके भी हाईटैक हो चले हैं. प्रचार का समय अब कम मिलता है और मतदाता हैं ज़्यादा, इसलिए सब तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पाता. इसलिए राजनीतिक दल भी अब सोशल मीडिया यानि फेसबुक और ट्वीटर ज़रिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं. लेकिन धार जैसे आदिवासी इलाके अभी भी परंपरा से जुड़़े हुए हैं. इसलिए चुनाव आयोग ऐसे इलाकों में लोकगीत-संगीत औ और नृत्य के ज़रिए लोगों को मतदान के लिए जागरुक कर रहा है. ख़ासतौर से साप्ताहिक हाट-बाज़ारों में प्रशासन कार्यक्रम करा रहा है.

from Latest News मध्य प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2qZFx2r
Previous
Next Post »