ग्रामीण इस पानी को नहाने, खाना बनाने और बर्तन साफ करने जैसे रोजमर्रा के काम में लेते हैं. गांव के लोगों का कहना है कि वे 500 रुपए से एक टैंकर पानी लेते हैं और शौचालय के सेप्टिक टैंक में इसे स्टोर करके रखते हैं. जिसके बाद यह पानी कई दिनों तक चल जाता है.from Latest News मध्य प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2Jv3ut4
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