... और 1 जून 1949 को भोपाल आजाद हो गया

भोपाल में शुक्रवार को आजादी दिवस मनाया गया. आयोजन में भोपाल स्थित शहीद स्मारक द्वार का नाम बदलकर विलीनीकरण शहीद स्मृति द्वार कर दिया गया. साथ ही उन सेनानियों को श्राद्धांजलि दी गई जिन्होंने भोपाल की आजादी के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी. बता दें कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद जरूर हो गया था मगर राजधानी भोपाल गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था. भोपाल के नवाब पाकिस्तान में शामिल होने की सोच रहे थे जिसके कारण भोपाल को आजादी नहीं मिल रही थी. तब इसके विरोध में सैकड़ों सेनानियों ने संघर्ष किया था. उनके संघर्ष से 1 जून 1949 को भोपाल को आजादी मिली और तब भोपाल का विलीनीकरण हो सका.

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